तिरिछ 12th Class science - full story
नीचे “तिरिछ” (कक्षा 12 – हिंदी साहित्य) की पूर्ण कहानी/व्याख्या (Full Story Explanation) सरल भाषा में दी जा रही है।
नोट: “तिरिछ” विज्ञान (Science) का नहीं, बल्कि हिंदी साहित्य का पाठ है (बिहार बोर्ड/अन्य बोर्डों में कक्षा 12 में शामिल)।
तिरिछ – पूर्ण कहानी (Full Story)
“तिरिछ” कहानी ग्रामीण जीवन की कठोर सच्चाइयों, अंधविश्वास, गरीबी, असमानता और मनुष्य की विवशताओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। लेखक ने गाँव के सीधे-सादे लोगों की मानसिकता और सामाजिक ढाँचे की कमजोरियों को यथार्थ रूप में दिखाया है।
कहानी का केंद्र एक गरीब, साधारण ग्रामीण परिवार और उनके आसपास की परिस्थितियाँ हैं। गाँव में तिरिछ (एक विषैला जीव/सांप) केवल एक जानवर नहीं, बल्कि भय, अंधविश्वास और सामाजिक असुरक्षा का प्रतीक बनकर सामने आता है। तिरिछ के नाम से ही लोगों में दहशत फैल जाती है। लोग इसे अपशकुन मानते हैं और उससे जुड़ी घटनाओं को भाग्य, देवता या दंड से जोड़कर देखते हैं।
कहानी में दिखाया गया है कि कैसे अज्ञान और डर इंसान को विवेकहीन बना देता है। तिरिछ के भय से लोग सही-गलत का भेद भूल जाते हैं। कई बार वे निर्दोष व्यक्ति को भी दोषी ठहरा देते हैं। लेखक यह बताता है कि गरीबी और अशिक्षा के कारण लोग वैज्ञानिक सोच से दूर रहते हैं और अंधविश्वास के सहारे जीवन जीते हैं।
कहानी के पात्र अपने-अपने स्तर पर संघर्षरत हैं। कोई रोज़ी-रोटी के लिए परेशान है, तो कोई सामाजिक दबाव से। तिरिछ की उपस्थिति से उत्पन्न डर उनके जीवन को और जटिल बना देता है। जब कोई दुर्घटना या अनहोनी होती है, तो उसका कारण तिरिछ को मान लिया जाता है—जबकि असली कारण सामाजिक लापरवाही, अज्ञान और व्यवस्था की कमी होती है।
लेखक की भाषा आंचलिक, जीवंत और प्रभावशाली है। संवादों में ग्रामीण बोलचाल की मिठास और कड़वाहट दोनों झलकती हैं। वर्णन इतने सजीव हैं कि पाठक गाँव के माहौल को महसूस करने लगता है—कच्चे रास्ते, झोपड़ियाँ, भयभीत लोग और सामूहिक सोच।
अंततः कहानी यह स्पष्ट संदेश देती है कि समस्या तिरिछ नहीं, बल्कि अंधविश्वास और सामाजिक पिछड़ापन है। जब तक शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टि और मानवीय संवेदना विकसित नहीं होंगी, तब तक समाज डर और भ्रम में जीता रहेगा।
कहानी के मुख्य बिंदु
- ग्रामीण जीवन का यथार्थ चित्रण
- अंधविश्वास और भय का मनोवैज्ञानिक प्रभाव
- गरीबी और अशिक्षा की त्रासदी
- तिरिछ का प्रतीकात्मक अर्थ
- मानवीय संवेदना और विवेक की आवश्यकता
शीर्षक की सार्थकता
“तिरिछ” शीर्षक पूरी तरह सार्थक है क्योंकि तिरिछ केवल एक जीव नहीं, बल्कि भय, अज्ञान और सामाजिक अंधकार का प्रतीक बनकर पूरी कहानी को दिशा देता है।
नीचे “तिरिछ” (कक्षा 12 – हिंदी साहित्य) के लिए सारांश, लघु उत्तरीय प्रश्न–उत्तर और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न–उत्तर परीक्षा-उपयोगी, सरल भाषा में दिए जा रहे हैं।
📌 सारांश (Summary)
“तिरिछ” कहानी ग्रामीण समाज की वास्तविकताओं को उजागर करती है। इसमें अंधविश्वास, भय, गरीबी और अशिक्षा के कारण उत्पन्न सामाजिक समस्याओं का यथार्थ चित्रण है। कहानी में तिरिछ एक ऐसे प्रतीक के रूप में उभरता है, जो लोगों के मन में बसे डर और अज्ञान को दर्शाता है। गाँव के लोग हर अनहोनी का कारण तिरिछ को मान लेते हैं, जबकि असली समस्या उनकी वैज्ञानिक सोच का अभाव और सामाजिक पिछड़ापन है। लेखक ने यह स्पष्ट किया है कि शिक्षा और विवेक के बिना समाज भय और भ्रम में जीता रहता है। कहानी मानवीय संवेदना, तर्कशीलता और जागरूकता की आवश्यकता पर बल देती है।
✍️ लघु उत्तरीय प्रश्न–उत्तर (Short Answer)
प्रश्न 1. ‘तिरिछ’ कहानी का मुख्य विषय क्या है?
उत्तर: अंधविश्वास, भय और ग्रामीण समाज की अशिक्षा कहानी का मुख्य विषय है।
प्रश्न 2. कहानी में तिरिछ किसका प्रतीक है?
उत्तर: तिरिछ भय, अज्ञान और सामाजिक असुरक्षा का प्रतीक है।
प्रश्न 3. गाँव के लोग तिरिछ से क्यों डरते हैं?
उत्तर: वे तिरिछ को अपशकुन और अनहोनी का कारण मानते हैं।
प्रश्न 4. कहानी में अंधविश्वास का क्या प्रभाव दिखाया गया है?
उत्तर: अंधविश्वास लोगों की सोच को संकुचित कर देता है और उन्हें विवेकहीन बना देता है।
प्रश्न 5. लेखक ने ग्रामीण जीवन का चित्रण कैसे किया है?
उत्तर: लेखक ने यथार्थ और आंचलिक भाषा में ग्रामीण जीवन का सजीव चित्रण किया है।
📝 दीर्घ उत्तरीय प्रश्न–उत्तर (Long Answer)
प्रश्न 1. ‘तिरिछ’ कहानी में अंधविश्वास की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
‘तिरिछ’ कहानी में अंधविश्वास एक केंद्रीय तत्व है। गाँव के लोग किसी भी दुर्घटना या समस्या का कारण तिरिछ को मान लेते हैं। वे तर्क और विज्ञान के स्थान पर डर और परंपरागत मान्यताओं पर विश्वास करते हैं। इस अंधविश्वास के कारण समाज आगे नहीं बढ़ पाता और निर्दोष लोग भी कष्ट झेलते हैं। लेखक यह दिखाना चाहता है कि अंधविश्वास मनुष्य की सबसे बड़ी कमजोरी है, जिससे उसे मुक्ति पाना आवश्यक है।
प्रश्न 2. ‘तिरिछ’ का प्रतीकात्मक महत्व समझाइए।
उत्तर:
तिरिछ केवल एक जीव नहीं, बल्कि कहानी में भय, अज्ञान और सामाजिक पिछड़ेपन का प्रतीक है। यह दर्शाता है कि असली खतरा बाहर नहीं, बल्कि मनुष्य के मन में छिपा डर है। तिरिछ के नाम से ही लोग घबरा जाते हैं और विवेक खो बैठते हैं। इस प्रकार तिरिछ समाज में फैले अंधविश्वास का प्रतीक बन जाता है।
प्रश्न 3. कहानी के माध्यम से लेखक क्या संदेश देना चाहता है?
उत्तर:
लेखक यह संदेश देना चाहता है कि समाज की वास्तविक समस्या अज्ञान और अशिक्षा है, न कि कोई जीव या अपशकुन। जब तक लोग शिक्षा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण नहीं अपनाएँगे, तब तक वे य और भ्रम में जीते रहेंगे। कहानी मानवीय संवेदना, तर्कशीलता और जागरूकता को अपनाने की प्रेरणा देती है।
प्रश्न 4. ‘तिरिछ’ कहानी की भाषा-शैली पर टिप्पणी कीजिए।
उत्तर:
कहानी की भाषा सरल, सहज और आंचलिक है। संवाद ग्रामीण जीवन के अनुरूप हैं, जिससे कहानी अधिक प्रभावशाली बन जाती है। लेखक की शैली यथार्थवादी है, जो पाठक को सीधे गाँव के वातावरण में पहुँचा देती है।
नीचे “तिरिछ” (कक्षा 12 – हिंदी साहित्य) के लिए MCQ (बहुविकल्पीय प्रश्न), एक-शब्द/परिभाषा वाले प्रश्न, तथा प्रश्न-उत्तर परीक्षा की तैयारी के लिए व्यवस्थित रूप में दिए जा रहे हैं।
📘 MCQ – बहुविकल्पीय प्रश्न
1. ‘तिरिछ’ कहानी का मुख्य विषय क्या है?
A. प्रेम
B. वीरता
C. अंधविश्वास और भय
D. ऐतिहासिक घटना
उत्तर: C
2. ‘तिरिछ’ किसका प्रतीक है?
A. साहस का
B. भय और अज्ञान का
C. संपन्नता का
D. शिक्षा का
उत्तर: B
3. कहानी का परिवेश कहाँ का है?
A. शहर
B. कस्बा
C. गाँव
D. जंगल
उत्तर: C
4. गाँव के लोग तिरिछ को क्या मानते हैं?
A. शुभ संकेत
B. सामान्य जीव
C. अपशकुन
D. देवता
उत्तर: C
5. कहानी में किस समस्या पर अधिक जोर दिया गया है?
A. बेरोजगारी
B. अंधविश्वास
C. राजनीति
D. तकनीक
उत्तर: B
6. लेखक ने किस भाषा-शैली का प्रयोग किया है?
A. संस्कृतनिष्ठ
B. आंचलिक
C. फारसी
D. उर्दू
उत्तर: B
7. तिरिछ से जुड़ा भय किस कारण है?
A. शिक्षा
B. वैज्ञानिक सोच
C. अज्ञान
D. साहस
उत्तर: C
8. कहानी का उद्देश्य क्या है?
A. मनोरंजन
B. डर पैदा करना
C. सामाजिक चेतना
D. रहस्य बनाना
उत्तर: C
9. ग्रामीण समाज की कौन-सी कमजोरी दिखाई गई है?
A. आलस्य
B. अंधविश्वास
C. विलासिता
D. अमीरी
उत्तर: B
10. तिरिछ कहानी किस विधा से संबंधित है?
A. कविता
B. नाटक
C. कहानी
D. निबंध
उत्तर: C
🧩 एक शब्द / परिभाषा वाले प्रश्न
1. तिरिछ का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है?
उत्तर: भय और अज्ञान
2. कहानी का परिवेश किस समाज से जुड़ा है?
उत्तर: ग्रामीण समाज
3. अंधविश्वास का अर्थ लिखिए।
उत्तर: बिना तर्क के किसी बात पर विश्वास करना।
4. आंचलिक भाषा क्या होती है?
उत्तर: किसी विशेष क्षेत्र में बोली जाने वाली भाषा।
5. तिरिछ कहानी किस समस्या को उजागर करती है?
उत्तर: सामाजिक अंधविश्वास
6. विवेक का अर्थ क्या है?
उत्तर: सही-गलत की पहचान करने की शक्ति।
7. कहानी में भय का कारण क्या है?
उत्तर: अशिक्षा
8. ग्रामीण समाज की सबसे बड़ी कमजोरी क्या बताई गई है?
उत्तर: वैज्ञानिक सोच का अभाव
✍️ प्रश्न–उत्तर (Very Short / Short)
प्रश्न 1. ‘तिरिछ’ कहानी का संदेश क्या है?
उत्तर: अंधविश्वास छोड़कर विवेक और शिक्षा अपनाना।
प्रश्न 2. तिरिछ से लोग क्यों डरते हैं?
उत्तर: क्योंकि वे उसे अपशकुन मानते हैं।
प्रश्न 3. कहानी में समाज की किस स्थिति का चित्रण है?
उत्तर: ग्रामीण और अशिक्षित समाज का।
प्रश्न 4. लेखक किस सोच की आलोचना करता है?
उत्तर: अंधविश्वासी सोच की।
प्रश्न 5. तिरिछ कहानी क्यों प्रासंगिक है?
उत्तर: क्योंकि आज भी समाज में अंधविश्वास मौजूद है।
नीचे “तिरिछ” (कक्षा 12 – हिंदी साहित्य) के लिए 50 महत्वपूर्ण Objective (बहुविकल्पीय) प्रश्न परीक्षा की दृष्टि से दिए जा रहे हैं।
📘 तिरिछ – 50 Objective Important Questions (MCQ)
1. ‘तिरिछ’ कहानी किस विधा की रचना है?
A. नाटक
B. कहानी
C. निबंध
D. कविता
उत्तर: B
2. ‘तिरिछ’ कहानी का मुख्य विषय क्या है?
A. प्रेम
B. राजनीति
C. अंधविश्वास
D. देशभक्ति
उत्तर: C
3. तिरिछ किसका प्रतीक है?
A. साहस
B. भय और अज्ञान
C. शक्ति
D. बुद्धि
उत्तर: B
4. कहानी का परिवेश किससे संबंधित है?
A. शहरी समाज
B. ग्रामीण समाज
C. औद्योगिक समाज
D. आधुनिक समाज
उत्तर: B
5. गाँव के लोग तिरिछ को क्या मानते हैं?
A. शुभ संकेत
B. देवता
C. अपशकुन
D. मित्र
उत्तर: C
6. कहानी में किस सोच की आलोचना की गई है?
A. वैज्ञानिक
B. तार्किक
C. अंधविश्वासी
D. प्रगतिशील
उत्तर: C
7. तिरिछ से जुड़ा भय किस कारण है?
A. शिक्षा
B. विज्ञान
C. अज्ञान
D. साहस
उत्तर: C
8. लेखक ने कहानी में किस भाषा का प्रयोग किया है?
A. संस्कृतनिष्ठ
B. आंचलिक
C. फारसी
D. अंग्रेजी
उत्तर: B
9. तिरिछ कहानी किस समस्या को उजागर करती है?
A. बेरोजगारी
B. महँगाई
C. अंधविश्वास
D. भ्रष्टाचार
उत्तर: C
10. कहानी का उद्देश्य क्या है?
A. मनोरंजन
B. डर पैदा करना
C. सामाजिक चेतना
D. हास्य
उत्तर: C
11. तिरिछ का डर लोगों को किससे दूर रखता है?
A. शिक्षा से
B. धन से
C. विवेक से
D. साहस से
उत्तर: C
12. ग्रामीण समाज की सबसे बड़ी कमजोरी क्या दिखाई गई है?
A. आलस्य
B. अशिक्षा
C. विलासिता
D. अमीरी
उत्तर: B
13. कहानी में किसका यथार्थ चित्रण है?
A. नगर जीवन
B. दरबारी जीवन
C. ग्रामीण जीवन
D. राजसी जीवन
उत्तर: C
14. तिरिछ कहानी किस प्रकार की रचना है?
A. कल्पनात्मक
B. यथार्थवादी
C. रोमांटिक
D. ऐतिहासिक
उत्तर: B
15. तिरिछ के नाम से लोगों में क्या फैलता है?
A. खुशी
B. उत्साह
C. भय
D. विश्वास
उत्तर: C
16. कहानी में अंधविश्वास का परिणाम क्या दिखाया गया है?
A. प्रगति
B. शांति
C. भ्रम और डर
D. समृद्धि
उत्तर: C
17. तिरिछ कहानी का संदेश क्या है?
A. डरना चाहिए
B. भाग्य पर भरोसा
C. विवेक और शिक्षा अपनाना
D. मौन रहना
उत्तर: C
18. कहानी में किसका अभाव स्पष्ट है?
A. धन
B. शक्ति
C. वैज्ञानिक दृष्टि
D. श्रम
उत्तर: C
19. तिरिछ कहानी का शीर्षक क्यों सार्थक है?
A. रोचक होने के कारण
B. प्रतीकात्मक होने के कारण
C. छोटा होने के कारण
D. सरल होने के कारण
उत्तर: B
20. लेखक ने किस वर्ग का चित्रण किया है?
A. उच्च वर्ग
B. मध्यम वर्ग
C. ग्रामीण गरीब वर्ग
D. शासक वर्ग
उत्तर: C
21. तिरिछ से जुड़ी घटनाओं को लोग किससे जोड़ते हैं?
A. तर्क से
B. विज्ञान से
C. भाग्य से
D. योजना से
उत्तर: C
22. कहानी में भय किस रूप में मौजूद है?
A. वास्तविक
B. मानसिक
C. काल्पनिक
D. शारीरिक
उत्तर: B
23. कहानी किस प्रकार की चेतना देती है?
A. धार्मिक
B. सामाजिक
C. राजनीतिक
D. आर्थिक
उत्तर: B
24. तिरिछ कहानी किस स्तर पर समाज की आलोचना करती है?
A. नैतिक
B. बौद्धिक
C. मानसिक
D. सामाजिक
उत्तर: D
25. तिरिछ के कारण लोग क्या खो बैठते हैं?
A. धन
B. समय
C. विवेक
D. मित्रता
उत्तर: C
26. कहानी में भय का मुख्य स्रोत क्या है?
A. जीव
B. अज्ञान
C. गरीबी
D. बीमारी
उत्तर: B
27. लेखक किस प्रवृत्ति को बदलना चाहता है?
A. आलस्य
B. हिंसा
C. अंधविश्वास
D. राजनीति
उत्तर: C
28. तिरिछ कहानी किस दृष्टिकोण से लिखी गई है?
A. वैज्ञानिक
B. यथार्थवादी
C. काल्पनिक
D. आदर्शवादी
उत्तर: B
29. ग्रामीण समाज किस सोच से ग्रस्त है?
A. आधुनिक
B. तार्किक
C. अंधविश्वासी
D. प्रगतिशील
उत्तर: C
30. तिरिछ कहानी का केंद्रीय भाव क्या है?
A. प्रेम
B. करुणा
C. भय
D. हास्य
उत्तर: C
31. कहानी में विवेक का विरोधी क्या है?
A. ज्ञान
B. विज्ञान
C. अंधविश्वास
D. शिक्षा
उत्तर: C
32. तिरिछ किस भावना को जन्म देता है?
A. उत्साह
B. करुणा
C. भय
D. आनंद
उत्तर: C
33. कहानी का प्रभाव पाठक पर कैसा पड़ता है?
A. हास्यपूर्ण
B. प्रेरक
C. डरावना
D. उबाऊ
उत्तर: B
34. तिरिछ कहानी का समाज कौन-सा है?
A. शिक्षित
B. आधुनिक
C. अशिक्षित
D. वैज्ञानिक
उत्तर: C
35. तिरिछ का भय किसके कारण स्थायी बन जाता है?
A. शिक्षा
B. अनुभव
C. अज्ञान
D. साहस
उत्तर: C
36. लेखक किस मानसिकता पर प्रहार करता है?
A. आधुनिक
B. वैज्ञानिक
C. अंधविश्वासी
D. तार्किक
उत्तर: C
37. तिरिछ कहानी में कौन-सा तत्व प्रमुख है?
A. कल्पना
B. यथार्थ
C. रोमांस
D. रहस्य
उत्तर: B
38. तिरिछ कहानी किस तरह की चेतावनी देती है?
A. धार्मिक
B. नैतिक
C. सामाजिक
D. राजनीतिक
उत्तर: C
39. तिरिछ से संबंधित डर किस स्तर पर है?
A. शारीरिक
B. मानसिक
C. आर्थिक
D. प्राकृतिक
उत्तर: B
40. कहानी किस बात पर बल देती है?
A. भाग्य
B. शिक्षा और विवेक
C. डर
D. परंपरा
उत्तर: B
41. तिरिछ कहानी किस युग की समस्या दिखाती है?
A. प्राचीन
B. मध्यकालीन
C. आधुनिक
D. समकालीन ग्रामीण
उत्तर: D
42. तिरिछ के नाम से क्या प्रतिक्रिया होती है?
A. विश्वास
B. उपेक्षा
C. भय
D. प्रसन्नता
उत्तर: C
43. कहानी में किसका अभाव सामाजिक पतन का कारण है?
A. धन
B. सत्ता
C. शिक्षा
D. श्रम
उत्तर: C
44. तिरिछ कहानी का मुख्य संदेश किससे जुड़ा है?
A. धर्म
B. विज्ञान
C. समाज सुधार
D. राजनीति
उत्तर: C
45. तिरिछ का भय लोगों को किस ओर ले जाता है?
A. तर्क
B. विज्ञान
C. अंधविश्वास
D. शिक्षा
उत्तर: C
46. कहानी किस माध्यम से चेतना जगाती है?
A. उपदेश
B. व्यंग्य
C. यथार्थ चित्रण
D. कल्पना
उत्तर: C
47. तिरिछ कहानी में डर किसका परिणाम है?
A. शिक्षा
B. अनुभव
C. अज्ञान
D. परिश्रम
उत्तर: C
48. तिरिछ कहानी में समाज की सबसे बड़ी समस्या क्या है?
A. गरीबी
B. अशिक्षा
C. अंधविश्वास
D. बेरोजगारी
उत्तर: C
49. तिरिछ कहानी पाठक को क्या सिखाती है?
A. डरना
B. भाग्य मानना
C. विवेक से सोचना
D. चुप रहना
उत्तर: C
50. ‘तिरिछ’ कहानी क्यों महत्वपूर्ण है?
A. मनोरंजन के लिए
B. डर पैदा करने के लिए
C. सामाजिक सच्चाई दिखाने के लिए
D. रहस्य के लिए
उत्तर: C
📝 “तिरिछ” – Outro (उपसंहार)
अंततः “तिरिछ” कहानी हमें यह गहराई से समझाती है कि समाज की सबसे बड़ी समस्या कोई बाहरी जीव या अपशकुन नहीं, बल्कि मानव मन में बैठा भय और अंधविश्वास है। कहानी के माध्यम से लेखक ने ग्रामीण जीवन की उन सच्चाइयों को उजागर किया है, जहाँ अशिक्षा और अज्ञान के कारण लोग तर्क और विवेक से दूर हो जाते हैं। तिरिछ केवल एक जीव न होकर उस डर का प्रतीक बन जाता है, जो इंसान की सोच को जकड़ लेता है और उसे सही-गलत का भेद करने से रोक देता है।
यह रचना पाठक को सोचने पर मजबूर करती है कि यदि समाज को आगे बढ़ना है, तो उसे अंधविश्वास की जंजीरों को तोड़ना होगा और शिक्षा व वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनाना होगा। कहानी यह भी संदेश देती है कि समस्याओं का समाधान डर या अफवाहों में नहीं, बल्कि समझदारी, जागरूकता और मानवीय संवेदना में निहित है।
इस प्रकार “तिरिछ” न केवल एक प्रभावशाली कहानी है, बल्कि यह समाज के लिए एक सशक्त चेतावनी भी है—कि जब तक हम विवेक से काम नहीं लेंगे, तब तक भय हमारे जीवन को नियंत्रित करता रहेगा। यही कारण है कि यह कहानी आज भी प्रासंगिक है और विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण सीख प्रदान करती है।
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